Wednesday, 16 September, 2026

अमगांव के भू-विस्थापितों के अधिकारों की अनदेखी पर भाजपा महिला मोर्चा आक्रामक

✍️ SECL गेवरा प्रबंधन को 07 दिन का अल्टीमेटम, मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की मांग…

गेवरा/कोरबा, छत्तीसगढ़। 26 अगस्त 2026

ग्राम अमगांव के भू-विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों की वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा जिला कोरबा नें मोर्चा खोल दिया है, महिला मोर्चा की जिला महामंत्री श्रीमती अनुसुईया राठौर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल नें SECL गेवरा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) को ज्ञापन सौंपकर मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार एवं स्थायी आजीविका से जुड़े लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि भूमि एवं परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के बावजूद कई प्रभावित परिवारों को अब तक उनके विधिसम्मत अधिकारों का लाभ नहीं मिल पाया है, इसके चलते प्रभावित परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

✍️ 07 दिन में निराकरण की मांग…

भाजपा महिला मोर्चा नें अमगांव के सभी लंबित प्रकरणों की प्राथमिकता से जांच कर 07 दिवस के भीतर पारदर्शी एवं विधिसम्मत निराकरण की मांग की है, साथ ही पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा एवं पुनर्वास संबंधी लाभ उपलब्ध करानें की बात कही गई है।

✍️ रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर जोर…

ज्ञापन में प्रभावित परिवारों के पात्र सदस्यों को SECL के नियमानुसार रोजगार उपलब्ध करानें की मांग की गई, रोजगार संभव नहीं होनें की स्थिति में कौशल विकास प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं बैंक ऋण के माध्यम से स्थायी स्वरोजगार की व्यवस्था करनें पर जोर दिया गया, इसके अलावा प्रभावित क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनानें के लिए CSR एवं DMF निधि से कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करनें, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करनें तथा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

✍️ SECL, प्रशासन और विस्थापितों की संयुक्त बैठक की मांग…

महिला मोर्चा नें SECL के सक्षम अधिकारियों, जिला प्रशासन एवं विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित कर प्रत्येक प्रकरण के निराकरण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना एवं समय-सीमा निर्धारित करने की मांग की है।

✍️ मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी…

भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री श्रीमती अनुसुईया राठौर नें कहा कि प्रभावित परिवारों के अधिकारों और उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर महिला मोर्चा गंभीर है, उन्होंने कहा कि यदि 07 दिनों के भीतर ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रभावित परिवारों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन किया जाएगा, उन्होंने कहा कि भू-विस्थापित परिवारों को उनके अधिकार दिलानें के लिए महिला मोर्चा हर स्तर पर आवाज उठाता रहेगा।

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