Wednesday, 16 September, 2026

SECL और TMC की कथित वादाखिलाफी के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन तेज

✍️ भारी बारिश के बीच लालपुर-भेजीनारा में बेमियादी धरना शुरू, 08 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीण लामबंद…

✍️ SDM नोटिस के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश, स्कूली बच्चे भी आंदोलन में हुए शामिल; विधायक व प्रशासनिक अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर समाधान की मांग…

कटघोरा/कोरबा। एसईसीएल कोरबा प्रबंधन एवं आउटसोर्सिंग कंपनी टीएमसी प्राइवेट लिमिटेड की कथित वादाखिलाफी के खिलाफ ग्राम लालपुर और भेजीनारा के ग्रामीणों नें मोर्चा खोल दिया है, पूर्व में तय की गई 08 सूत्रीय लिखित सहमति से कथित तौर पर मुकरनें तथा प्रशासन को गलत जानकारी देकर ग्रामीणों को एसडीएम, कटघोरा के माध्यम से नोटिस जारी कराए जानें के विरोध में ग्रामीणों ने भारी बारिश के बीच विवादित स्थल पर बेमियादी धरना एवं विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

आंदोलनरत ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों का लिखित एवं न्यायसंगत समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों के समर्थन में स्कूली बच्चे भी धरना स्थल पर पहुंचे और अपने भविष्य एवं अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।

✍️ 1987 में भूमि अधिग्रहण, आज भी दस्तावेज वापसी का इंतजार

ग्रामीणों के अनुसार लालपुर और भेजीनारा क्षेत्र में आदिवासी आबादी 70 प्रतिशत से अधिक है, वर्ष 1987 में सिंघाली खदान के लिए ग्रामीणों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था, ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय रोजगार एवं अन्य प्रक्रिया के नाम पर किसानों से भू-राजस्व पर्चियां ले ली गई थीं, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी मूल पर्चियां वापस नहीं की गईं।

ग्रामीणों का कहना है कि भू-राजस्व पर्चियां उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी हो रही है। इसका सीधा असर उनकी उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ पर पड़ रहा है।

✍️ 08 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, आंदोलनरत ग्रामीणों नें निम्न प्रमुख मांगें रखी हैं…

रोजगार एवं मुआवजे की जानकारी: सिंघाली खदान में 275 ग्रामीणों को दिए गए रोजगार एवं मुआवजे का संपूर्ण विवरण एसईसीएल कोरबा प्रबंधन द्वारा लिखित रूप में उपलब्ध कराया जाए।

मुख्य मार्ग की बहाली: लालपुर एवं भेजीनारा को जोड़ने वाले पुराने मुख्य मार्ग को बाधित करने के बजाय उसे व्यवस्थित एवं सुचारु किया जाए।

सार्वजनिक तालाब की जांच: निस्तारी के लिए उपयोग किए जाने वाले सार्वजनिक तालाब को किसकी अनुशंसा अथवा अनुमति से पाटा गया, इसकी जांच कर आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाए।

पेयजल व्यवस्था: लालपुर एवं भेजीनारा में स्थायी एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

वैकल्पिक रोजगार: स्थानीय भू-विस्थापितों को टीएमसी प्राइवेट लिमिटेड में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

कथित अवैध कब्जे पर कार्रवाई: खसरा नंबर 217/16क, 217/16ख एवं 217/16ग की निजी भूमि पर कंपनी द्वारा कथित रूप से बनाए गए रास्ते की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मुक्तिधाम मामले में कार्रवाई: ग्रामीणों के पूर्वजों के मुक्तिधाम को कथित रूप से ध्वस्त किए जाने के मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

भू-राजस्व पर्चियों की वापसी: वर्ष 1987 से रोकी गई किसानों की मूल भू-राजस्व पर्चियां वापस की जाएं तथा अर्जित भूमि से संबंधित राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जाए, ताकि बच्चों के जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बन सकें।

प्रशासन और विधायक से मौके पर पहुंचने की अपील
ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें प्रशासनिक नोटिस देकर आंदोलन से पीछे हटाने का प्रयास किया जा रहा है, ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित प्रशासनिक अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का निरीक्षण करें और सभी पक्षों की मौजूदगी में समस्याओं का समाधान करें।

समाचार लिखे जाने तक धरना स्थल पर शासन-प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई थी, ग्रामीणों ने कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लेने की अपील की है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि मांगों का लिखित और न्यायसंगत समाधान होने तक बेमियादी आंदोलन जारी रहेगा।

नोट: उपरोक्त समाचार में कंपनी/प्रशासन के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को ग्रामीणों के दावे के रूप में रखा गया है, प्रकाशन से पूर्व संबंधित पक्षों का पक्ष/प्रतिक्रिया लेकर समाचार को विश्वसनीयता और पत्रकारिता मानकों के लिहाज से आगे प्रकाशित किया जाएगा।

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