SECL दीपका के प्रगति नगर में पेयजल कार्य पर उठे गंभीर सवाल: मजबूत कंक्रीट टंकियां तोड़कर लगाई जा रहीं सिंटेक्स टंकियां, सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप
तीन मंजिला छत से बिना होइस्ट मशीन मलबा गिरानें का आरोप, मकानों व वाहनों को नुकसान, रहवासियों नें उच्चस्तरीय जांच की मांग…
दीपका/कोरबा। एसईसीएल (SECL) दीपका क्षेत्र के प्रगति नगर स्थित बी-टाइप आवासीय परिसर में चल रहे पेयजल सुविधा विस्तार कार्य को लेकर स्थानीय रहवासियों ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं, उनका आरोप है कि पहले से मौजूद मजबूत कंक्रीट की पानी टंकियों को तोड़कर उनकी जगह कम क्षमता वाली सिंटेक्स टंकियां स्थापित की जा रही हैं, साथ ही निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने से लोगों की जान-माल पर खतरा उत्पन्न हो गया है।

📡 मजबूत कंक्रीट टंकियां हटानें पर उठे सवाल…
रहवासियों का कहना है कि छतों पर बनी कंक्रीट की टंकियां मजबूत होने के साथ-साथ अधिक जल भंडारण क्षमता वाली थीं। इसके बावजूद उन्हें तोड़कर सिंटेक्स टंकियां लगाए जाने का निर्णय समझ से परे है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्य में उपयोग की जा रही सिंटेक्स टंकियां एवं पाइप निम्न गुणवत्ता के हैं। उनका कहना है कि यदि पूरे कार्य और सामग्री की तकनीकी जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
📡 सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप…
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, तीन मंजिला इमारतों की छतों से भारी कंक्रीट मलबा हटाने के लिए आवश्यक मशीनरी (होइस्ट) का उपयोग नहीं किया जा रहा है, आरोप है कि इसके बजाय टीन की चादरों से अस्थायी चूट (Chute) बनाकर मलबा सीधे नीचे गिराया जा रहा है, जिससे कंक्रीट के बड़े टुकड़े चारों ओर फैल रहे हैं और दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
📡 मकानों, वाहनों और लोगों को नुकसान पहुंचनें का दावा…
रहवासियों का दावा है कि मलबा गिरनें के कारण परिसर में स्थित कई मकानों को नुकसान पहुंचा है, इसके अलावा खड़ी मोटरसाइकिलों एवं अन्य वाहनों के क्षतिग्रस्त होनें की भी बात कही गई है, कुछ लोगों के घायल होनें का भी दावा किया गया है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
📡 रहवासियों नें की उच्चस्तरीय जांच की मांग…
स्थानीय नागरिकों ने एसईसीएल प्रबंधन से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, उनकी प्रमुख मांगें हैं…
✒️ कार्यस्थल पर तत्काल प्रभाव से सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
✒️ निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए।
✒️ यदि जांच में नियमों के उल्लंघन या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
✒️ पूरे पेयजल परियोजना के टेंडर एवं कार्य निष्पादन की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल सुविधा के नाम पर किए जा रहे इस कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


👤 श्री संजय मिश्रा
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